sunita negi कौसानी
Monday, February 13, 2012
Monday, January 23, 2012
bhonra
phoolun maa dekh ayegani
bhonra le baras gi
teri mayalu maya ku, zikudi taras gi..
til kya paayi khot.
bhonra le baras gi
teri mayalu maya ku, zikudi taras gi..
til kya paayi khot.
kya din kya raat
kya din kya raat ho ji ho..
kya din kya raat
kaili hi bingi
kaili hi jaandi
mera man ki baat..
ho ji ho,
jhuri jhuri gaat..
ho ji ho,
hari bari gaat, ho jo ho
unta marzi jateri,
samhal le ki bhool jaa.
kya din kya raat
kaili hi bingi
kaili hi jaandi
mera man ki baat..
ho ji ho,
jhuri jhuri gaat..
ho ji ho,
hari bari gaat, ho jo ho
unta marzi jateri,
samhal le ki bhool jaa.
उत्तराखण्ड में चुनाव का दौर में राजनीतिक स्तराक पतन पर की एक कविता,
..चुनाव ऐ गैईं
सुकिल टोपि क मुनाव ऐ गैईं
मैंके जितावो-मैके जितावो हैरे
अच्याल हमार गोवु कै बहार ऐरे
गोनु में क्वै पानि ल्याओ नै ल्याओ
सभापति क मुखम पाणि ऐगो
.. चुनाव ऐगो...
एक जै प्रमुख पन्द्रह जै उम्मीदवार है गई
यस लगाण छ जस हमार नेता लै बिरोजगार है गई
जाग-जाग कें मीटिंग हैरे, अपाण-अपाण सेटिंग हैरे
उम्मीदवारो के कि करूं- कि करूं हैरे
तात्ते खूं जल मरूं हैरे........
..चुनाव ऐ गैईं
सुकिल टोपि क मुनाव ऐ गैईं
मैंके जितावो-मैके जितावो हैरे
अच्याल हमार गोवु कै बहार ऐरे
गोनु में क्वै पानि ल्याओ नै ल्याओ
सभापति क मुखम पाणि ऐगो
.. चुनाव ऐगो...
एक जै प्रमुख पन्द्रह जै उम्मीदवार है गई
यस लगाण छ जस हमार नेता लै बिरोजगार है गई
जाग-जाग कें मीटिंग हैरे, अपाण-अपाण सेटिंग हैरे
उम्मीदवारो के कि करूं- कि करूं हैरे
तात्ते खूं जल मरूं हैरे........
तु चेलि छै य भली कै याद राखिये । तु जब घरकि देली पार करली लोग त्वेस तिरछि नज़रले देखाल । तु जब गली बटी गुजरली , लोग त्वेस गालि द्याल,सिट्टी बजाल। तु जब गली पार करि बेर मुख्य सड़क में पुजली, उन त्वे 'चरित्रहीन' कौला । अगर तु निर्जीव छै त लौटि पड़्ली, नति जसी जांछी ,जानी रौली...!
तु चेलि छै
य भली कै याद राखिये ।
तु जब घरकि देली पार करली
लोग त्वेस तिरछि नज़रले देखाल ।
तु जब गली बटी गुजरली ,
लोग त्वेस गालि द्याल,सिट्टी बजाल।
तु जब गली पार करि बेर
मुख्य सड़क में पुजली,
उन त्वे 'चरित्रहीन' कौला ।
अगर तु निर्जीव छै त
लौटि पड़्ली, नति
जसी जांछी ,जानी रौली...!
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