Monday, January 23, 2012

तु चेलि छै य भली कै याद राखिये । तु जब घरकि देली पार करली लोग त्वेस तिरछि नज़रले देखाल । तु जब गली बटी गुजरली , लोग त्वेस गालि द्याल,सिट्टी बजाल। तु जब गली पार करि बेर मुख्य सड़क में पुजली, उन त्वे 'चरित्रहीन' कौला । अगर तु निर्जीव छै त लौटि पड़्ली, नति जसी जांछी ,जानी रौली...!

तु चेलि छै य भली कै याद राखिये । तु जब घरकि देली पार करली लोग त्वेस तिरछि नज़रले देखाल । तु जब गली बटी गुजरली , लोग त्वेस गालि द्याल,सिट्टी बजाल। तु जब गली पार करि बेर मुख्य सड़क में पुजली, उन त्वे 'चरित्रहीन' कौला । अगर तु निर्जीव छै त लौटि पड़्ली, नति जसी जांछी ,जानी रौली...!

No comments:

Post a Comment